सीरवी समाज के परिवारों को एक सूत्र में पिरोना, अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और सुरक्षित भविष्य गढ़ना ही हमारा ध्येय है। आइए, साथ मिलकर एक सशक्त और प्रगतिशील सीरवी समाज की दिशा में आगे बढ़ें।
सीरवी समाज एक संस्कारवान, परिश्रमी और संगठित समाज है, जिसकी ऐतिहासिक जड़ें राजस्थान के मारवाड़ एवं गोडवाड़ क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ समाज के परिवार शिक्षा, व्यवसाय और आजीविका के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में बसे और अपनी मेहनत, पुरुषार्थ, सामाजिक एकता तथा संस्कारों के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। इसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव सूरत भी रहा, जहाँ समाज के परिवारों ने अपनी कर्मभूमि पर निरंतर प्रगति करते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को सदैव जीवंत रखा। आज सीरवी समाज सूरत केवल परिवारों का समूह नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, आत्मीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ा एक सशक्त समुदाय है। श्री आई माताजी के प्रति आस्था, बड़ों का सम्मान, परिवार के प्रति समर्पण, सामाजिक एकता, सेवा की भावना और परिश्रम हमारे समाज के मूल संस्कार हैं। पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिले इन मूल्यों को सहेजते हुए हमारा प्रयास है कि आधुनिकता और प्रगति के साथ आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी जड़ों, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक दायित्वों से सदैव जुड़ी रहें। सीरवी समाज सूरत का उद्देश्य समाज के प्रत्येक परिवार को एक-दूसरे से जोड़ते हुए एक संगठित, शिक्षित, सहयोगी और प्रगतिशील समाज का निर्माण करना है। शिक्षा एवं प्रतिभा को प्रोत्साहन देना, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाना, आवश्यकता के समय समाज बंधुओं का सहयोग करना तथा नई पीढ़ी को समाज की संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना हमारी सामूहिक प्राथमिकता है। एकता • संस्कार • सेवा • प्रगति संगठित समाज ही समृद्ध समाज का आधार है।